4 वर्षों से मिल रहा है मुफ्त डायलिसिस उपचार, परिवार को बड़ी राहत
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत – आयुष्मान कार्ड) गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। इसका ताजा उदाहरण गुजरात में दाहोद जिले के गरबाड़ा तालुका अंतर्गत पाटाडुंगरी गांव की निवासी सावित्रीबेन गोहिल हैं, जो पिछले चार वर्षों से मुफ्त डायलिसिस उपचार का लाभ उठा रही हैं।
निजी इलाज था असंभव, आयुष्मान योजना बनी सहारा
सावित्रीबेन गोहिल पिछले चार साल से दाहोद के रलयाटी स्थित अर्बन हॉस्पिटल में नियमित रूप से डायलिसिस करवा रही हैं। उनका पूरा इलाज प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क हो रहा है।
उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में डायलिसिस कराने पर लाखों रुपये का खर्च आता है, जिसे वहन करना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था।
सरकार उठा रही है महंगे इलाज का खर्च
आयुष्मान कार्ड योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज का खर्च केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक संकट से राहत मिल रही है और समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं।
अस्पताल ने नहीं ली कोई राशि
लाभार्थी सावित्रीबेन गोहिल ने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल द्वारा उनसे किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली गई।
उनका कहना है कि यदि आयुष्मान कार्ड योजना नहीं होती, तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ जाती।
सरकार के प्रति जताया आभार
सावित्रीबेन ने कहा कि आयुष्मान कार्ड योजना उनके और उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने इस जीवनरक्षक योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया।
गरीबों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही योजना
आयुष्मान भारत योजना आज देशभर में लाखों जरूरतमंदों को न सिर्फ बेहतर इलाज दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ स्वस्थ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है।

