1982 में खूंखार डकैत भगत सिंह को अकेले दबोच कर दिखाई थी अदम्य वीरता, गुना में गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- 1982 में खूंखार डकैत भगत सिंह को अकेले दबोच कर दिखाई थी अदम्य वीरता, गुना में गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
- वीरता का वह किस्सा जो आज भी है प्रेरणा
- मुठभेड़ में दिखाया अदम्य साहस
- राष्ट्रपति पदक से मिला सम्मान
- मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सक्रियता
- भरा-पूरा परिवार छोड़ गए पीछे
- अपूरणीय क्षति, हमेशा याद रहेंगे
मध्यप्रदेश पुलिस में साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करने वाले राष्ट्रपति पदक से सम्मानित जांबाज अधिकारी सोम सिंह रघुवंशी का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गुना जिले और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को गुना के बूढ़े बालाजी स्थित श्रीराम मुक्तिधाम में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वीरता का वह किस्सा जो आज भी है प्रेरणा
सोम सिंह रघुवंशी के नाम पुलिस इतिहास में दर्ज वह साहसिक घटना आज भी जवानों के लिए प्रेरणा है। 20 फरवरी 1982 को, जब वे हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, उन्हें सूचना मिली कि विदिशा का खूंखार डकैत भगत सिंह गुना जिले में छिपा हुआ है।
मुठभेड़ में दिखाया अदम्य साहस
मुठभेड़ के दौरान डकैत भगत सिंह ने सोम सिंह पर अपनी 12 बोर की बंदूक से फायर किया। इसके बावजूद सोम सिंह ने जान की परवाह किए बिना उससे सीधे मुकाबला किया और अदम्य साहस का परिचय देते हुए अकेले ही उस खतरनाक डकैत को दबोच लिया।
राष्ट्रपति पदक से मिला सम्मान
इस असाधारण वीरता के लिए सोम सिंह रघुवंशी को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। उनका यह कारनामा आज भी पुलिस विभाग में साहस और कर्तव्यपरायणता की मिसाल माना जाता है।
मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सक्रियता
सोम सिंह रघुवंशी न केवल एक बहादुर पुलिस अधिकारी थे, बल्कि अपने मिलनसार और सहज स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और समाज से जुड़े रहे।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए पीछे
अपने पीछे वे दो पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी अंतिम विदाई में शहर के गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सहकर्मी और परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अपूरणीय क्षति, हमेशा याद रहेंगे
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों ने कहा कि सोम सिंह रघुवंशी का निधन गुना जिले और पुलिस विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने सेवाकाल में उन्होंने साहस और कर्तव्यनिष्ठा के जो आयाम स्थापित किए, वे आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।

