ठंड बढ़ते ही क्यों बढ़ जाते हैं खर्राटे? जानिए इसके पीछे की वजह
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- ठंड बढ़ते ही क्यों बढ़ जाते हैं खर्राटे? जानिए इसके पीछे की वजह
- क्या कहती है मेडिकल साइंस?
- नाक और गले की झिल्ली सूखने लगती है
- नाक में सूजन आ जाती है
- कफ गाढ़ा हो जाता है
- सांस लेने का रास्ता संकरा हो जाता है
- जब हवा इस संकरे रास्ते से ज़ोर लगाकर गुजरती है, तो गले के ऊतक कंपन करने लगते हैं और यही कंपन खर्राटों की आवाज़ पैदा करता है।
- बंद कमरे और रूम हीटर बढ़ाते हैं खतरा
- कब बन सकते हैं खर्राटे जानलेवा संकेत?
- बचाव के आसान और असरदार उपाय
- सेहत का अलार्म समझिए, मज़ाक नहीं!
सर्दियों का मौसम आते ही एक समस्या अक्सर घर-घर में सुनाई देने लगती है—खर्राटों की तेज़ आवाज़। ज़्यादातर लोग इसे सामान्य या मज़ाक में टाल देते हैं, लेकिन डॉक्टरों की मानें तो सर्दियों में बढ़ते खर्राटे कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं।
क्या कहती है मेडिकल साइंस?
जैसे-जैसे तापमान गिरता है, हवा शुष्क (ड्राय) हो जाती है। इसका सीधा असर हमारी नाक और गले की अंदरूनी झिल्लियों पर पड़ता है।
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नाक और गले की झिल्ली सूखने लगती है
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नाक में सूजन आ जाती है
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कफ गाढ़ा हो जाता है
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सांस लेने का रास्ता संकरा हो जाता है
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जब हवा इस संकरे रास्ते से ज़ोर लगाकर गुजरती है, तो गले के ऊतक कंपन करने लगते हैं और यही कंपन खर्राटों की आवाज़ पैदा करता है।
बंद कमरे और रूम हीटर बढ़ाते हैं खतरा
सर्दियों में लोग ठंड से बचने के लिए लोग -कमरे बंद रखते हैं,भारी रजाइयों का इस्तेमाल करते हैं,रूम हीटर या ब्लोअर चलाते हैं|
इन सबका नतीजा होता है—कमरे की हवा में नमी खत्म हो जाना, जिससे खर्राटों की समस्या और गंभीर हो जाती है।
कब बन सकते हैं खर्राटे जानलेवा संकेत?
डॉक्टरों के अनुसार, सर्दियों में तेज़ और लगातार खर्राटे इन बीमारियों की चेतावनी हो सकते हैं:
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स्लीप एपनिया (नींद में सांस रुकना)
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हाई ब्लड प्रेशर
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दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ
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दिनभर थकान और सिरदर्द
अगर सोते समय सांस रुकने जैसा महसूस हो या बार-बार नींद टूटे, तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें।
बचाव के आसान और असरदार उपाय
खर्राटों से राहत पाने के लिए अपनाएं ये उपाय:
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करवट लेकर सोने की आदत डालें
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सोने से पहले भाप लें
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कमरे में नमी बनाए रखें (ह्यूमिडिफ़ायर का इस्तेमाल करें)
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धूम्रपान और शराब से बचें
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समस्या गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
सेहत का अलार्म समझिए, मज़ाक नहीं!
याद रखिए—खर्राटे सिर्फ़ आवाज़ नहीं हैं, ये आपकी सेहत की तरफ़ से दिया गया अलार्म हो सकते हैं। समय रहते सतर्क हुए, तो बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है।

