सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया भाग
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
शाजापुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का उपयोग न करना एक गंभीर समस्या बना हुआ है। हेलमेट न पहनने से सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है। हेलमेट केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे प्रभावी साधन भी है।
सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों से दिखा सकारात्मक असर
इसी उद्देश्य से शाजापुर पुलिस द्वारा लगातार सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला है। वर्ष 2023 और 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और दुर्घटना में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो शाजापुर पुलिस के सतत प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर निकली रैली
इन प्रयासों को और सशक्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय शाजापुर में हेलमेट के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हेलमेट जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
हरी झंडी दिखाकर रवाना हुई रैली
इस जागरूकता रैली को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाजापुर घनश्याम मालवीय ने पुलिस लाइन शाजापुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में लगभग 150 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी रैली
रैली शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरी, जहां नागरिकों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता और सुरक्षित वाहन संचालन का संदेश दिया गया। जागरूकता रैली का समापन पुनः पुलिस लाइन शाजापुर में हुआ।
आगे भी जारी रहेंगे जागरूकता कार्यक्रम
पुलिस प्रशासन ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में और कमी लाई जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रखी जा सके।

