महानगरपालिका चुनाव से पहले भाजपा छोड़ BVA में प्रवेश, प्रभाग 26 से दाखिल किया नामांकन
वसई–विरार शहर महानगरपालिका चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को एक के बाद एक राजनीतिक झटके लग रहे हैं। इसी कड़ी में भाजपा के निष्ठावान और वरिष्ठ नेता शेखर धुरी ने पार्टी को अलविदा कहकर हितेंद्र ठाकूर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) में प्रवेश कर लिया है। उनके इस फैसले से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में हलचल मच गई है।
भाजपा से नाराज़गी के बाद बदला राजनीतिक रास्ता
आरएसएस की पृष्ठभूमि से निकले शेखर धुरी ने मंगलवार को बहुजन विकास आघाड़ी की ओर से महानगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। बताया जा रहा है कि महानगरपालिका चुनाव लड़ने की इच्छा के बावजूद भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने और पार्टी स्तर पर उपेक्षा से वे आहत थे। इसी नाराज़गी के चलते उन्होंने बहुजन विकास आघाड़ी का दामन थाम लिया।
लंबा राजनीतिक और सामाजिक अनुभव
शेखर धुरी नवघर ग्रामपंचायत में सरपंच रह चुके हैं। इसके अलावा वे नगरपरिषद में नगरसेवक और शिक्षण सभापति जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ वे एक अच्छे लेखक और साहित्यकार के रूप में भी पहचाने जाते हैं, जिससे क्षेत्र में उनकी अलग पहचान रही है।
नामांकन के दौरान दिखा उत्सव का माहौल
प्रभाग क्रमांक 26 से नवघर–मानिकपुर विभागीय कार्यालय में नामांकन दाखिल करते समय माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। इस अवसर पर पूर्व महापौर नारायण मानकर, पूर्व उपमहापौर प्रकाश रोड्रिग्ज, स्थायी समिति के पूर्व सभापति संदेश जाधव सहित बड़ी संख्या में बहुजन विकास आघाड़ी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
BVA को मजबूती, भाजपा को नुकसान
शेखर धुरी के बहुजन विकास आघाड़ी में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलने की चर्चा तेज है। वहीं, महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले भाजपा के लिए इसे एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, जिससे पार्टी की अंदरूनी नाराज़गी भी खुलकर सामने आ गई है।

