खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं—शिवपुरी कलेक्टर

Anchal Sharma
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shivpuri collector

जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में सख्त निर्देश, अमानक खाद्य पदार्थों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें 

शिवपुरी कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने जिले में खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक विंग सहित सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और अधिकारी किसी भी स्तर पर कोताही न बरतें।

जिला स्तरीय बैठक में दिए गए अहम निर्देश

जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में खाद्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि जिले में होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के निपटान पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि विवाह आयोजनों वाले स्थलों पर बड़ी मात्रा में कुकिंग ऑयल का उपयोग किया जाता है, जिसे बाद में बाजार में बेचने की आशंका रहती है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल का संबंधित स्थलों पर ही विधिवत विनष्टीकरण कराया जाए, ताकि स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।

अमानक खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई जारी

बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक अमानक खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं के विरुद्ध लगाए गए जुर्मानों में से 2 लाख 95 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। इस पर कलेक्टर चौधरी ने शेष राशि की भी शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नमकीन और चना विक्रेताओं की जांच के आदेश

कलेक्टर ने नमकीन विक्रेताओं की दुकानों से सैंपल लेने और गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिशय पीले चने में भी मिलावट की जानकारी देते हुए सैंपल लेने तथा मुख्य सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।

जनजागरूकता को बताया प्राथमिक कर्तव्य

कलेक्टर ने कहा कि नकली या अमानक खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई के साथ-साथ आमजन को जागरूक करना भी प्रशासन का पहला कर्तव्य है। यदि लोग जागरूक होंगे तो वे स्वयं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को परखकर ही उपयोग करेंगे।

होटल-ढाबों में सफाई और सैंपलिंग पर विशेष ध्यान

उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और खाने-पीने की दुकानों में उपयोग होने वाले कड़ाही और बर्तनों पर जमे काले तेल को लेकर भी संचालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित रूप से सैंपलिंग और टेस्टिंग की जानी चाहिए, ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

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